प्रदेश की जनता ने मायावती को सही जगह पर पहुंचा दिया : स्वामी प्रसाद मौर्य
जनता ने मायावती को सही जगह पहुंचा दिया है कि अब वह किसी भी सदन में जाने लायक नहीं बची हैं.


कानपुर: बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के पूर्व नेता तथा मौजूदा समय में उत्तर प्रदेश के श्रम मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने बुधवार को अपनी पुरानी पार्टी की प्रमुख मायावती पर निशाना साधते हुए कहा कि बसपा सुप्रीमो को प्रदेश की जनता ने सही जगह पर पहुंचा दिया है और अब वह किसी भी सदन (राज्यसभा या विधान परिषद) में बैठने लायक नहीं बची हैं.

स्वामी प्रसाद मौर्य ने मायावती पर 'बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर को नीलाम करते हुए कांशीराम के विचारों की हत्या करने' का आरोप लगाते हुए कहा कि बसपा सुप्रीमो अब अपनी पार्टी की हार का ठीकरा भले ही कहीं भी फोड़ लें, लेकिन कोई लाभ नहीं होगा. उन्होंने मुहावरा पढ़कर भी मायावती को उलाहना दिया, "अब पछताय होत क्या, जब चिड़िया चुग गई खेत..."

उन्होंने कहा कि देश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में कम समय में जनहित को ध्यान में रखते हुए भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने घोषणापत्र में किए अपने वादों को पूरा करने का सफल प्रयास किया है.

प्रदेश के श्रममंत्री ने कानपुर के सर्किट हाउस में श्रम विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में कहा कि 24 घंटे नोट गिनने वाली बसपा सुप्रीमो अब हार की समीक्षा बैठकें कर रही हैं, जिनका कोई फायदा नहीं होगा. उन्होंने कहा कि जनता ने मायावती को सही जगह पहुंचा दिया है कि अब वह किसी भी सदन में जाने लायक नहीं बची हैं.

पूर्ववर्ती समाजवादी पार्टी (सपा) की सरकार पर भी हमला बोलते हुए स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि 'समाजवादी' नाम की सस्ती लोकप्रियता पाने के लिए पिछली सरकार ने जो भी योजनाएं शुरू की थीं, उन्हें बंद किया जाएगा और उनके स्थान पर जनता से जुड़ी कल्याणकारी योजनाएं शुरू की जाएंगी. उन्होंने कहा कि श्रम विभाग द्वारा पूर्व की सरकार में जो साइकिलें बंटवाई गई थीं, उनकी भी जांच की जाएगी. एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि पूर्व मंत्री मोहम्मद आज़म खान की रामपुर यूनिवर्सिटी की भी शिकायतें मिली हैं, जिनकी जांच करवाई जाएंगी.

प्रदेश के श्रममंत्री ने कहा कि बीजेपी के शासनकाल में स्कूली छात्राओं से लेकर घरेलू महिलाएं तक खुद को सुरक्षित महसूस कर रही हैं. समाजवादी सरकार के गुंडाराज में महिलाएं मनचलों का शिकार हो जाया करती थीं, लेकिन अब वे आज़ादी के साथ कहीं भी बेखौफ जा सकती हैं.

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