...और जब मंत्री ने अपने हाथ से हटा दी लाल बत्ती
केन्द्र की मोदी सरकार ने बुधवार को एक अहम फैसला लिया जिसके चलते अब देश में लाल बत्ती का कल्चर खत्म हो गया।


कानपुर : केन्द्र की मोदी सरकार ने बुधवार को एक अहम फैसला लिया जिसके चलते अब देश में लाल बत्ती का कल्चर खत्म हो गया। हालांकि इसकी समय सीमा एक मई तक की गई है। पर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री जब जनता के बीच गये तो लाल बत्ती पर ही चर्चा होने लगी और कुछ ने तो कमेंट भी कर दिया। इस पर मंत्री ने फौरन चतुराई करते हुए अपने हाथ से गाड़ी में लगी लाल बत्ती को उतार दिया।

गुरुवार की सुबह शहरवासी देश में लाल बत्ती के कल्चर को खत्म किए जाने पर जगह-जगह मोदी सरकार की चर्चा करते रहे। इसी दौरान दोपहर 12 बजे प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री सत्यदेव पचौरी की गाड़ी हूटर बजाते हुए विश्वविद्यालय रोड़ से गुजरी। विश्वविद्यालय में एक कार्यक्रम के बाद जब मंत्री अपनी गाड़ी पर बैठने की तरफ बढ़े तो देखा कि लोग लाल बत्ती को लेकर चर्चा कर रहे है। इसी बीच कुछ लोगों ने कमेंट कर दिया कि मंत्री जी कब तक रहेगी लाल बत्ती। फिर क्या था मंत्री ने फौरन गाड़ी में लगी लाल बत्ती को अपने हाथ से ही हटाना शुरू कर दिया और बत्ती नीचे लाकर कहा यह लो भैया, हम केन्द्र द्वारा दिये गये समय का इंतजार नहीं करेंगे। 

बताते चलें कि खादी ग्रामोद्योग मंत्री सत्यदेव पचौरी ने बुधवार को लखनऊ में खादी विभाग के कार्यालय का निरीक्षण किया था उस दौरान कुछ दिव्यांगों को देख आपा खो दिया था। कहा था कि ऐसे विकलांगों को यहां पर काम करने की क्या जरूरत है। जिस पर गुरूवार को सफाई देते हुए कहा कि मेरा मकसद किसी की भावनाओं को आहत करना नहीं था। मीडिया ने उसे तोड़ मरोड़कर पेश किया। कहा कि यह कहा था कि जो कार्य दिव्यांगों के स्तर का न हो तो उस पर दिव्यांगों को क्यों लगाया जा रहा है। 
महाना ने भी हटाई बत्ती

कानपुर से प्रदेश सरकार में बने दूसरे कैबिनेट मंत्री सतीश महाना ने भी केन्द्र सरकार के फैसले के बाद उस पर अमल कर लिया। मंत्री ने बताया कि बुधवार को केन्द्र सरकार ने फैसला किया लेकिन दिनभर कार्यक्रमों में व्यस्तता के चलते गाड़ी से लाल बत्ती नहीं उतारी जा सकी। शाम को घर वापस आते ही सबसे पहले गाड़ी से लाल बत्ती उतार ली गई। 

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