लखनऊ मेट्रोः सात महीने में सुरंग बनाकर बाहर निकली मशीन
लखनऊ मेट्रो कारपोरेशन द्वारा बापू मवन सज हजरतगंज तक टनलिंग को पूरा करने पर खुशी मनाते मेट्रो अधिकारी व कर्मचारी गण


लखनऊ: पहले मशीन की तेज आवाज़ें, फिर पानी की बौछार। इसके बाद देखते ही देखते साफ्ट की दीवार में दरार। दरार के साथ दीवार टूटते ही बाहर दिखी सुरंग खोदने वाली मशीन। हज़रतगंज में साहू सिनेमा के पास सोमवार को सुरंग खोदकर बाहर निकल रही गोमती मशीन को देख मेट्रो के कर्मचारी खुशी से झूम उठे। दर्जनभर कर्मचारी मशीन के सामने आ गए और तिरंगा लहराने लगे। इस तरह करीब 812 मीटर सुरंग खोद कर गोमती मशीन सुरंग से बाहर निकल आयी। पहली टनल बोरिंग मशीन गोमती सचिवालय से हज़रतगंज तक सुरंग की खुदाई पूरी कर सोमवार को बाहर आ गयी। 23 जनवरी 2017 को सुरंग खोदने का काम शुरू हुआ था। ज़मीन से 18 मीटर नीचे बनी इस सुरंग में मार्च 2019 में मेट्रो दौड़ने लगेगी। डाउन लाइन में काम कर रही दूसरी मशीन गंगा का काम भी लगभग पूरा हो गया है। ये भी जल्द बहार आएगी। अब अगले चरण की खुदाई के लिए यह मशीन वापस सचिवालय मेट्रो स्टेशन जाएगी। जहां से मशीन हुसैनगंज की ओर सुरंग खोदने का काम शुरू करेगी। मेट्रो का पूरा अंडर ग्राउंड रुट करीब 3.6 किलोमीटर लंबा है। ज़मीन से 60 फिट नीचे और 20 फिट चैड़ी सुरंग मे मेट्रो दौड़ेगी। यह पूरा रुट इस साल के अंत तक तैयार होने की उम्मीद है।  जानकारी के अनुसार यह है अंडरग्राउंड स्टेशनो की लंबाई चारबाग़ से हज़रतगंज के बीच मेट्रो के तीन स्टेशन बनाये जा रहे है। यह तीनों स्टेशन सुरंग में बन रहे हैं। हुसैनगंज भूमिगत स्टेशन की लंबाई 302 मीटर है। सचिवालय स्टेशन की लंबाई 278 मीटर तथा हजरतगंज भूमिगत स्टेशन की लंबाई 529 मीटर प्रस्तावित है। पूरे रुट की लंबाई 3.67 किमी तथा दोनों टनल की लंबाई 3.62 किमी है। ऐसे हुई सुरंग की खुदाई सुरंग खोदने के लिए टनल बोरिंग मशीन को जमीन के 18 मीटर नीचे उत्तर गया। इतना नीचे ऑक्सीजन का लेवल कम हो जाता है। इसकी वॉल्यूम 20.9 मिलीग्राम पैरा मीटर क्यूब रखने के लिए आर्टिफीसियल कंप्रेसर के ज़रिये हवा टनल में पहुंचाई जाती है। वॉल्यूम कम होने से कर्मचारी बेहोश हो सकते हैं। गंगा और गोमती दोनों ही टनल बोरिंग मशीन फुल्ली आटोमेटिक है। ये जीआईएस सिस्टम के सहारे टनल बनाने का कार्य करती हैं। जीआईएस सिस्टम में लोंगिट्यूड और लैटीट्यूड के सहारे काम किया जाता है। खुदाई से पहले सिस्टम में इसकी जानकारी डाल दी जाती और फिर मशीन अपने आप उस रस्ते पर चलती रहती है। औसतन मशीन एक दिन में 8.4 मीटर सुरंग खोदती है। प्राथमिक सेक्शन का कमर्शियल रन जल्द प्राथमिक सेक्शन ट्रांसपोर्ट नगर से चारबाग पर मेट्रो का कमर्शियल रन जल्द शुरू होगा। केंद्र से आयी कमिश्नर मेट्रो रेल सेफ्टी की टीम कुछ ट्रायल और कर रही है। टेस्ट के लिए कुछ संशोधन करने को कहा है। मेट्रो इन संशोधनों में लग गया। इन संशोधनों व ट्रायल के पूरा होने के बाद कमर्शियल रन के लिए एलएमआरसी सीएम से समय माँगेगा। मवैया में स्पेशल पुल पर मेट्रो तीन दिन खड़ी कर उसका लोड टेस्ट किया जा रहा है। एलएमआरसी के एमडी कुमार केशव ने मेट्रो स्टाफ के साथ यातायात विभागए क्षेत्र के व्यापारियों तथा आम जनता का सहयोग के लिए आभार जताया है। एमडी कुमार केशव ने बताया कि 75 मीटर लंबी टनल बोरिंग मशीन टीबीएम निकालने का काम शुरू कर दिया गया है। इसे कई हिस्सों में निकालकर असेंबल किया जाएगा। करीब छह सप्ताह के भीतर सचिवालय से हुसैनगंज के बीच सुरंग खोदने का काम शुरू हो जाएगा। तीनों स्टेशनों के बीच सुरंग दिसंबर 2018 तक बन जाएगी। इस दौरान कई स्टेशनों के बीच पटरियां व ओवर हेड इलेक्ट्रिक वॉयर, सिगनल के काम भी हो जाएंगे।


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