PoK रावलकोट में फायरिंग, 9 लोगों की मौत, कई दिनों से चल रहा आंदोलन
PoK में जून की शुरुआत से ही बड़े पैमाने पर विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं। जगह-जगह धरने, बंद और प्रदर्शन किए जा रहे हैं।


इस्लामाबाद/रावलकोट | पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के रावलकोट में प्रदर्शनकारियों पर पाकिस्तानी सुरक्षाबलों की फायरिंग के बाद हालात तनावपूर्ण हैं। इस हिंसा में कम से कम 9 लोगों की मौत की खबर है। इलाके में इंटरनेट सेवाएं भी सस्पेंड कर दी गई हैं।

क्या हुआ रावलकोट में
जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) ने दावा किया कि रावलकोट में विरोध प्रदर्शन के दौरान सुरक्षाबलों ने प्रदर्शनकारियों पर गोलियां चलाईं। JAAC के अनुसार अकेले रावलकोट में 9 लोगों की मौत हुई है। कुछ रिपोर्ट्स में मरने वालों की संख्या इससे अधिक बताई जा रही है।

JAAC ने हाथ से लिखी एक लिस्ट जारी कर मारे गए लोगों के नाम बताए हैं। इसमें उस्मान नजीर, काशिफ, मोहम्मद इब्राहिम, अर्सल असगर, हनीफ मोहम्मद बशीर, वसीम अफजल, बासित शाह और साबिर खान के नाम शामिल हैं।

स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, लोग महंगाई, बिजली संकट और राजनीतिक अधिकारों को लेकर सड़कों पर उतरे थे। इसी दौरान सुरक्षाबलों और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हो गई।

जून से चल रहा आंदोलन
PoK में जून की शुरुआत से ही बड़े पैमाने पर विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं। जगह-जगह धरने, बंद और प्रदर्शन किए जा रहे हैं। सार्वजनिक परिवहन, दुकानें और अन्य कारोबार भी कई दिनों से बंद हैं।

आंदोलन शुरू होने के बाद से प्रदर्शनकारियों और पुलिस-अर्धसैनिक बलों के बीच कई बार झड़पें हुई हैं। इनमें कई नागरिकों के साथ कुछ सुरक्षा बलों के जवानों की भी मौत हो चुकी है।

प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगें
प्रदर्शनकारी स्थानीय विधानसभा में 12 आरक्षित सीटों की व्यवस्था खत्म करने की मांग कर रहे हैं। इसके अलावा उनकी मांगें हैं:

स्थानीय लोगों को अधिक राजनीतिक प्रतिनिधित्व मिले
गिरफ्तार नेताओं और कार्यकर्ताओं को रिहा किया जाए
बेहतर शासन व्यवस्था लागू हो
बिजली और अन्य आर्थिक मुद्दों पर सुधार हो
इंटरनेट बंद, हालात तनावपूर्ण
हिंसा के बाद PoK के कई हिस्सों में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं। रावलकोट और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है।

JAAC ने इस कार्रवाई को 'जुल्म' बताया है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से हस्तक्षेप की मांग की है। वहीं पाकिस्तानी प्रशासन ने अभी तक आधिकारिक तौर पर मृतकों की संख्या की पुष्टि नहीं की है।

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