लखनऊ : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के दुबग्गा थाना क्षेत्र में हिंदूवादी नेता धीरेंद्र प्रताप सिंह की नृशंस हत्या का मामला सामने आया है। मूल रूप से उन्नाव के निवासी और वर्तमान में लखनऊ के पीजीआई इलाके में रह रहे धीरेंद्र प्रताप सिंह का शव पुलिस ने दुबग्गा के पास स्थित नहर से बरामद किया है। इस वारदात ने इलाके में हड़कंप मचा दिया है, क्योंकि हत्या की यह साजिश उनके अपने ही ड्राइवर ने अपने साथियों के साथ मिलकर रची थी।
घटना की शुरुआत तब हुई जब धीरेंद्र प्रताप सिंह अचानक लापता हो गए। उनकी पत्नी ममता सिंह ने थाने में तहरीर देकर आरोप लगाया कि उनके पति को उनका ड्राइवर अगवा करके ले गया है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने तुरंत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। छानबीन के दौरान पुलिस को कई महत्वपूर्ण सुराग मिले, जिसके बाद चलाए गए तलाशी अभियान में दुबग्गा नहर से धीरेंद्र प्रताप सिंह का शव और उनकी फॉर्च्यूनर गाड़ी बरामद कर ली गई। जांच में स्पष्ट हुआ कि आरोपियों ने पहले धीरेंद्र को गोली मारी और साक्ष्य मिटाने की नीयत से उनके शव को गाड़ी के जरिए नहर तक लाकर पानी में फेंक दिया।
डीसीपी साउथ मोहम्मद मुस्ताक के अनुसार, शुरुआती जांच में हत्या की मुख्य वजह उन्नाव में चल रहा एक पुराना जमीन का विवाद सामने आ रही है। इसी रंजिश को लेकर ड्राइवर ने अपने साथियों संग मिलकर इस हत्याकांड को अंजाम दिया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी ड्राइवर समेत दो लोगों को हिरासत में ले लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने 6 विशेष टीमों का गठन किया है जो अन्य फरार संदिग्धों और आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि साक्ष्यों को जोड़कर पूरी साजिश का पर्दाफाश किया जाएगा और इसमें शामिल किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।